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ramayan 5.40.4: हे वानरश्रेष्ठ! उस कौवे को वह घटना याद दिलाओ, जब भगवान राम ने क्रोध में आकर तिनके का बाण चलाया था, जिससे उसकी एक आँख छेद गई थी॥ 4॥   |   ramayan सर्ग 5.40: सीता का श्रीराम से कहने के लिये पुनः संदेश देना तथा हनुमान जी का उन्हें आश्वासन दे उत्तर-दिशा की ओर जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 40: सीता का श्रीराम से कहने के लिये पुनः संदेश देना तथा हनुमान जी का उन्हें आश्वासन दे उत्तर-दिशा की ओर जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.40.4 
अभिज्ञानं च रामस्य दद्या हरिगणोत्तम।
क्षिप्तामिषीकां काकस्य कोपादेकाक्षिशातनीम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे वानरश्रेष्ठ! उस कौवे को वह घटना याद दिलाओ, जब भगवान राम ने क्रोध में आकर तिनके का बाण चलाया था, जिससे उसकी एक आँख छेद गई थी॥ 4॥
 
Best of monkeys! Remind the crow of the incident when Lord Rama, in anger, shot an arrow made of a straw, causing it to pierce one of his eyes.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)