Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.4.27-28: घोड़ों की हिनहिनाहट की ध्वनि भी सर्वत्र फैल गई थी। आभूषणों की झनकार भी सुनाई दे रही थी। नाना प्रकार के रथों, पालकियों, वाहनों, विमानों, सुंदर हाथियों, घोड़ों, श्वेत मेघों के समान चार दांतों वाले सजे हुए मदमस्त हाथियों तथा मदमस्त पशु-पक्षियों की चाल से महल का प्रवेश द्वार अत्यंत सुंदर दिखाई दे रहा था। | ramayan सर्ग 5.4: हनुमान जी का लंकापुरी एवं रावण के अन्तःपुर में प्रवेश । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
घोड़ों की हिनहिनाहट की ध्वनि भी सर्वत्र फैल गई थी। आभूषणों की झनकार भी सुनाई दे रही थी। नाना प्रकार के रथों, पालकियों, वाहनों, विमानों, सुंदर हाथियों, घोड़ों, श्वेत मेघों के समान चार दांतों वाले सजे हुए मदमस्त हाथियों तथा मदमस्त पशु-पक्षियों की चाल से महल का प्रवेश द्वार अत्यंत सुंदर दिखाई दे रहा था।
The sound of the neighing of the horses was also spread everywhere. The tinkling of ornaments was also heard. The entrance of the palace appeared very beautiful with the movement of various types of chariots, palanquins, vehicles, aircraft, beautiful elephants, horses, decorated intoxicated elephants with four teeth looking like clouds of white clouds and intoxicated animals and birds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥