Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.38.7: देवी! आपको साथ ले जाने के मेरे आग्रह के कई कारण हैं। पहला, मैं भगवान राम को शीघ्र प्रसन्न करना चाहता था। इसलिए मैंने प्रेमपूर्वक यह बात कही है। | ramayan सर्ग 5.38: सीताजी का हनुमान जी को पहचान के रूप में चित्रकट पर्वत पर घटित हए एक कौए के प्रसंग को सुनाना, श्रीराम को शीघ्र बुलाने के लिये अनुरोध करना और चूड़ामणि देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवी! आपको साथ ले जाने के मेरे आग्रह के कई कारण हैं। पहला, मैं भगवान राम को शीघ्र प्रसन्न करना चाहता था। इसलिए मैंने प्रेमपूर्वक यह बात कही है।
Devi! There are many reasons why I insisted on taking you along with me. Firstly, I wanted to please Lord Rama as soon as possible. Hence, I have said this with a loving heart.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥