हे हाथी की सूँड़ के समान जांघों वाली सुन्दरी! किसने तुम्हारा वक्षस्थल क्षत-विक्षत किया है? क्रोध में भरे हुए पाँच मुँह वाले सर्प के साथ कौन क्रीड़ा कर रहा है?॥25॥
O beautiful lady with thighs like elephant's trunk! Who has mutilated your chest? Who is playing with the five-headed serpent filled with rage?'॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥