Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.38.15-16: 'इसके बाद (किसी समय) एक मांस-पिपासु कौआ आया और मुझे चोंच मारने लगा। मैंने पत्थर उठाकर उसे हटाना चाहा, परन्तु वह कौआ मुझे बार-बार चोंच मारता रहा और कहीं छिप गया। वह बलि देने वाला कौआ खाना चाहता था, इसलिए उसने मेरे मांस को चोंच मारना बंद नहीं किया।॥ 15-16॥ | ramayan सर्ग 5.38: सीताजी का हनुमान जी को पहचान के रूप में चित्रकट पर्वत पर घटित हए एक कौए के प्रसंग को सुनाना, श्रीराम को शीघ्र बुलाने के लिये अनुरोध करना और चूड़ामणि देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो मांससमायुक्तो वायस: पर्यतुण्डयत्।
तमहं लोष्टमुद्यम्य वारयामि स्म वायसम्॥ १५॥
दारयन् स च मां काकस्तत्रैव परिलीयते।
न चाप्युपारमन्मांसाद् भक्षार्थी बलिभोजन:॥ १६॥
अनुवाद
'इसके बाद (किसी समय) एक मांस-पिपासु कौआ आया और मुझे चोंच मारने लगा। मैंने पत्थर उठाकर उसे हटाना चाहा, परन्तु वह कौआ मुझे बार-बार चोंच मारता रहा और कहीं छिप गया। वह बलि देने वाला कौआ खाना चाहता था, इसलिए उसने मेरे मांस को चोंच मारना बंद नहीं किया।॥ 15-16॥
‘Subsequently (at some other time) a flesh-hungry crow came and started pecking at me. I tried to remove it by picking up a stone, but the crow kept pecking me again and again and hid itself somewhere else. That sacrificial crow wanted to eat, so it did not stop pecking at my flesh.॥ 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥