श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.37.24 
द्रक्ष्यस्यद्यैव वैदेहि राघवं सहलक्ष्मणम्।
व्यवसायसमायुक्तं विष्णुं दैत्यवधे यथा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
विदेहनन्दिनी! आज ही तुम राक्षसों का संहार करने के लिए तत्पर श्री राम और लक्ष्मण को देखोगे, जैसे राक्षसों का संहार करने के लिए भगवान विष्णु तत्पर रहते हैं॥ 24॥
 
Videhanandini! Today itself you will see Shri Ram and Lakshman who are eager to kill the demons just like Lord Vishnu who is enthusiastic about killing the demons.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)