श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 37: सीता का हनुमान जी से श्रीराम को शीघ्र बुलाने का आग्रह, हनुमान जी का सीता से अपने साथ चलने का अनुरोध तथा सीता का अस्वीकार करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.37.11 
ज्येष्ठा कन्या कला नाम विभीषणसुता कपे।
तया ममैतदाख्यातं मात्रा प्रहितया स्वयम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
कापे! विभीषण की ज्येष्ठ पुत्री का नाम कला है। उसकी माता ने स्वयं उसे मेरे पास भेजा है। उसने मुझे ये सब बातें बताई हैं॥ 11॥
 
Kape! The name of Vibhishan's eldest daughter is Kala. Her mother herself sent her to me. She has told me all these things.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)