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ramayan 5.36.2: महाभागे! मैं परम बुद्धिमान प्रभु श्री राम का दूत वानर हूँ। देवि! यह श्री राम नाम अंकित अँगूठी है, इसे लेकर देखो। 2॥   |   ramayan सर्ग 5.36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 36: हनुमान जी का सीता को मुद्रिका देना, सीता का ‘श्रीराम कब मेरा उद्धार करेंगे’ यह उत्सुक होकर पूछना तथा हनुमान् का श्रीराम के सीताविषयक प्रेम का वर्णन करके उन्हें सान्त्वना देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.36.2 
वानरोऽहं महाभागे दूतो रामस्य धीमत:।
रामनामाङ्कितं चेदं पश्य देव्यङ्गुलीयकम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
महाभागे! मैं परम बुद्धिमान प्रभु श्री राम का दूत वानर हूँ। देवि! यह श्री राम नाम अंकित अँगूठी है, इसे लेकर देखो। 2॥
 
Maha Bhaage! I am a monkey, the messenger of the most intelligent Lord Shri Ram. Goddess! This is a ring inscribed with Shri Ram's name, take it and look. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)