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दिष्टॺा हि न मम व्यर्थं सागरस्येह लङ्घनम्॥ ७९॥
प्राप्स्याम्यहमिदं देवि त्वद्दर्शनकृतं यश:।
अनुवाद
'देवी! मेरा समुद्र पार करके यहाँ आना व्यर्थ नहीं गया। आपके दर्शन का सौभाग्य पाने वाला मैं प्रथम व्यक्ति हूँगा। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।'
‘Goddess! My crossing the ocean and coming here was not in vain. I will be the first one to get the honour of seeing you. This is a matter of good fortune for me. 79 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥