Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.35.74-75h: 'मैंने यह सब कार्य श्री रामचन्द्रजी के कार्य की सफलता के लिए किया है और मैं यहाँ आपके दर्शन के लिए आया हूँ। देवि! आप मुझे सुग्रीव का मंत्री और वायुदेवता का पुत्र हनुमान ही समझें।' | ramayan सर्ग 5.35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मैंने यह सब कार्य श्री रामचन्द्रजी के कार्य की सफलता के लिए किया है और मैं यहाँ आपके दर्शन के लिए आया हूँ। देवि! आप मुझे सुग्रीव का मंत्री और वायुदेवता का पुत्र हनुमान ही समझें।'
‘I have done all this work for the success of Shri Ramchandra's work and I have come here to see you. Devi! Please consider me as Hanuman, the minister of Sugreeva and the son of Vayudevata. 74 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥