Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.35.62-63h: विदेहनन्दिनी! तुम्हारा पता न चलना, बालि की मृत्यु, हमारा आमरण उपवास तथा जटायु की मृत्यु, इन सब बातों को सोचकर कुमार अंगद बहुत दुःखी हुए। | ramayan सर्ग 5.35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तव नाशं च वैदेहि वालिनश्च तथा वधम्॥ ६२॥
प्रायोपवेशमस्माकं मरणं च जटायुष:।
अनुवाद
विदेहनन्दिनी! तुम्हारा पता न चलना, बालि की मृत्यु, हमारा आमरण उपवास तथा जटायु की मृत्यु, इन सब बातों को सोचकर कुमार अंगद बहुत दुःखी हुए।
Videhanandini! Thinking about your whereabouts not being known, Vali's death, our fasting till death and Jatayu's death, Kumar Angad was very sad. 62 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥