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ramayan 5.35.50: 'उन दिनों जब श्री राम और सुग्रीव मित्र के रूप में मिले, तो दोनों ने एक-दूसरे की सहायता करने का वचन दिया। श्री राम ने बाली को मारने का वचन दिया और सुग्रीव ने तुम्हारी खोज करने का वचन दिया।'   |   ramayan सर्ग 5.35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  5.35.50 
सहितौ रामसुग्रीवावुभावकुरुतां तदा।
समयं वालिनं हन्तुं तव चान्वेषणं प्रति॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
'उन दिनों जब श्री राम और सुग्रीव मित्र के रूप में मिले, तो दोनों ने एक-दूसरे की सहायता करने का वचन दिया। श्री राम ने बाली को मारने का वचन दिया और सुग्रीव ने तुम्हारी खोज करने का वचन दिया।'
 
‘In those days when Shri Ram and Sugriv met as friends, both of them pledged to help each other. Shri Ram promised to kill Vali and Sugriv promised to search for you. 50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)