Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.35.35-36h: तत्पश्चात् लक्ष्मण ने वानरराज सुग्रीव से वह दुःख कहा जो अनायास ही महान कर्म करने वाले भगवान श्री रामजी को आपके वियोग में हो रहा था॥35 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् लक्ष्मण ने वानरराज सुग्रीव से वह दुःख कहा जो अनायास ही महान कर्म करने वाले भगवान श्री रामजी को आपके वियोग में हो रहा था॥35 1/2॥
After that, Lakshmana narrated to the monkey king Sugriva the grief that Lord Shri Ram, who had done great deeds spontaneously, was feeling due to your separation. 35 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥