श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.35.3 
यानि रामस्य चिह्नानि लक्ष्मणस्य च वानर।
तानि भूय: समाचक्ष्व न मां शोक: समाविशेत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वानर! मुझे श्री राम और लक्ष्मण के लक्षण पुनः बताओ, जिससे मेरा मन शोक से भर न जाए।' 3
 
Monkey! Describe to me again the signs of Shri Ram and Lakshman, so that my mind is not filled with grief.' 3
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas