श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 35: सीताजी के पूछने पर हनुमान जी का श्रीराम के शारीरिक चिह्नों और गुणों का वर्णन करना तथा नर-वानर की मित्रता का प्रसङ्ग सुनाकर सीताजी के मन में विश्वास उत्पन्न करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.35.15 
विपुलांसो महाबाहु: कम्बुग्रीव: शुभानन:।
गूढजत्रु: सुताम्राक्षो रामो नाम जनै: श्रुत:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उनके कंधे चौड़े हैं, भुजाएँ बड़ी हैं, गर्दन शंख के समान है और मुख सुन्दर है। उनकी हंसली मांस से भरी हुई है और आँखें हल्की लाल हैं। वे लोगों में 'श्री राम' नाम से प्रसिद्ध हैं॥ 15॥
 
‘His shoulders are broad, his arms are large, his neck is like a conch and his face is beautiful. His collarbone is covered with flesh and his eyes are slightly red. He is famous among people by the name of ‘Shri Ram’.॥ 15॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas