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ramayan 5.31.9: उस विशाल वन में आखेट करते समय श्री रामजी ने अनेक वीर राक्षसों का वध किया, जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकते थे॥9॥   |   ramayan सर्ग 5.31: हनुमान जी का सीता को सुनाने के लिये श्रीराम-कथा का वर्णन करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 31: हनुमान जी का सीता को सुनाने के लिये श्रीराम-कथा का वर्णन करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.31.9 
तेन तत्र महारण्ये मृगयां परिधावता।
राक्षसा निहता: शूरा बहव: कामरूपिण:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस विशाल वन में आखेट करते समय श्री रामजी ने अनेक वीर राक्षसों का वध किया, जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकते थे॥9॥
 
While hunting in that vast forest, Sri Rama killed many valiant demons who could assume any form at their will.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)