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ramayan 5.30.9: "मेरे जाने के बाद, शानदार राजकुमारी जानकी को खुद को बचाने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा और वह अपना जीवन समाप्त कर लेगी।"   |   ramayan सर्ग 5.30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.30.9 
गते हि मयि तत्रेयं राजपुत्री यशस्विनी।
परित्राणमपश्यन्ती जानकी जीवितं त्यजेत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
"मेरे जाने के बाद, शानदार राजकुमारी जानकी को खुद को बचाने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा और वह अपना जीवन समाप्त कर लेगी।"
 
"After my departure, the illustrious Princess Janaki will find no way to save herself and will end her life."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)