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ramayan 5.30.6: श्री सीताजी परम प्रभावशाली और समस्त प्राणियों पर दया करने वाली भगवान श्री राम की पत्नी हैं। वे अपने पति के दर्शन की इच्छा रखती हैं, अतः उन्हें सान्त्वना देना उचित है॥6॥   |   ramayan सर्ग 5.30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.30.6 
यथा तस्याप्रमेयस्य सर्वसत्त्वदयावत:।
समाश्वासयितुं भार्यां पतिदर्शनकांक्षिणीम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
श्री सीताजी परम प्रभावशाली और समस्त प्राणियों पर दया करने वाली भगवान श्री राम की पत्नी हैं। वे अपने पति के दर्शन की इच्छा रखती हैं, अतः उन्हें सान्त्वना देना उचित है॥6॥
 
Shri Sitaji is the wife of Lord Shri Ram who is extremely influential and kind to all living beings. She desires to see her husband, hence it is appropriate to console her. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)