Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.30.4-5: मैं प्रभु द्वारा नियुक्त दूत के रूप में गुप्त रूप से शत्रुओं के बल का पता लगा रहा था। इसी क्रम में मैंने राक्षसों के क्रम, इस नगर तथा राक्षसराज रावण के प्रभाव का भी निरीक्षण किया था। ॥4-5॥ | ramayan सर्ग 5.30: सीताजी से वार्तालाप करने के विषय में हनुमान जी का विचार करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं प्रभु द्वारा नियुक्त दूत के रूप में गुप्त रूप से शत्रुओं के बल का पता लगा रहा था। इसी क्रम में मैंने राक्षसों के क्रम, इस नगर तथा राक्षसराज रावण के प्रभाव का भी निरीक्षण किया था। ॥4-5॥
‘As a messenger appointed by the lord, I was secretly finding out the strength of the enemy. In this connection, I also inspected the order of the demons, this city and the influence of the demon king Ravana. ॥ 4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥