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सेयमालोक्य मे रूपं जानकी भाषितं तथा।
रक्षोभिस्त्रासिता पूर्वं भूयस्त्रासमुपैष्यति॥ २०॥
अनुवाद
यदि मैं आगे बढ़ूंगा तो मेरे वानर रूप को देखकर तथा मेरे मुख से मनुष्य भाषा सुनकर जनकनन्दी सीता, जो पहले से ही राक्षसों से भयभीत हैं, और भी अधिक भयभीत हो जाएंगी।
If I go ahead, then on seeing my monkey form and hearing human language from my mouth, Janakanandini Sita, who is already frightened by the demons, will become even more scared.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥