श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  5.3.49 
सीतानिमित्तं राज्ञस्तु रावणस्य दुरात्मन:।
रक्षसां चैव सर्वेषां विनाश: समुपागत:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
‘अब सीता के कारण दुष्टबुद्धि राजा रावण और सम्पूर्ण राक्षसों के विनाश का समय आ गया है।॥ 49॥
 
‘Now, because of Sita, the time has come for the destruction of the evil-minded King Ravana and all the demons.॥ 49॥
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