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ramayan 5.3.24: वानर! रावण की सेना इस नगरी की सब ओर से रक्षा करती है, अतः तू निश्चय ही इस लंका में प्रवेश नहीं कर सकता।’ ॥24॥   |   ramayan सर्ग 5.3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 3: लंकापुरी का अवलोकन करके हनुमान् जी का विस्मित होना, निशाचरी लंका का उन्हें रोकना और उनकी मार से विह्वल होकर प्रवेश की अनुमति देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.3.24 
न शक्यं खल्वियं लंका प्रवेष्टुं वानर त्वया।
रक्षिता रावणबलैरभिगुप्ता समन्तत:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वानर! रावण की सेना इस नगरी की सब ओर से रक्षा करती है, अतः तू निश्चय ही इस लंका में प्रवेश नहीं कर सकता।’ ॥24॥
 
Monkey! Ravana's army protects this city from all sides, so you certainly cannot enter this Lanka.' ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)