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ramayan 5.29.7: बिंबोफला के समान लाल ओठों, सुन्दर नेत्रों, मनोहर भौंहों, सुन्दर केशों, घुमावदार पलकों तथा श्वेत, चमकीले दांतों से सुशोभित उसका मुख राहु के चंगुल से छूटे हुए चन्द्रमा के समान चमकने लगा।   |   ramayan सर्ग 5.29: सीताजी के शुभ शकुन   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 29: सीताजी के शुभ शकुन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.29.7 
तस्या: पुनर्बिम्बफलोपमोष्ठं
स्वक्षिभ्रुकेशान्तमरालपक्ष्म।
वक्त्रं बभासे सितशुक्लदंष्ट्रं
राहोर्मुखाच्चन्द्र इव प्रमुक्त:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
बिंबोफला के समान लाल ओठों, सुन्दर नेत्रों, मनोहर भौंहों, सुन्दर केशों, घुमावदार पलकों तथा श्वेत, चमकीले दांतों से सुशोभित उसका मुख राहु के चंगुल से छूटे हुए चन्द्रमा के समान चमकने लगा।
 
His face, adorned with lips as red as the Bimbophala, beautiful eyes, charming eyebrows, lovely hair, curved eyelashes and white, bright teeth, began to shine like the moon freed from the clutches of Rahu. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)