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ramayan 5.27.6: आज मैंने एक अत्यन्त भयानक और रोमांचकारी स्वप्न देखा है, जो राक्षसों के विनाश और सीता के पति के उत्थान की सूचना देता है।’ ॥6॥   |   ramayan सर्ग 5.27: त्रिजटा का स्वप्न, राक्षसों के विनाश और श्रीरघुनाथजी की विजय की शुभ सूचना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.27.6 
स्वप्नो ह्यद्य मया दृष्टो दारुणो रोमहर्षण:।
राक्षसानामभावाय भर्तुरस्या भवाय च॥ ६॥
 
 
अनुवाद
आज मैंने एक अत्यन्त भयानक और रोमांचकारी स्वप्न देखा है, जो राक्षसों के विनाश और सीता के पति के उत्थान की सूचना देता है।’ ॥6॥
 
Today I have seen a very dreadful and thrilling dream, which brings about the destruction of the demons and the rise of Sita's husband.' ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)