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तत: सा ह्रीमती बाला भर्तुर्विजयहर्षिता।
अवोचद् यदि तत् तथ्यं भवेयं शरणं हि व:॥ ५४॥
अनुवाद
इस प्रकार पति की विजय का समाचार सुनकर हर्ष से भरी हुई लज्जाशील सीता ने उन सबसे कहा - 'यदि आप लोग सत्य कहते हैं तो मैं अवश्य ही आप सबकी रक्षा करूँगी।' ॥54॥
Thus, shy Sita, filled with joy at the news of her husband's victory, said to them all - 'If what you say is true, then I will certainly protect all of you.' ॥ 54॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे सप्तविंश: सर्ग:॥ २७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें सत्ताईसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥