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श्लोक 51
श्लोक
5.27.51
ईषद्धि हृषितो वास्या दक्षिणाया ह्यदक्षिण:।
अकस्मादेव वैदेह्या बाहुरेक: प्रकम्पते॥ ५१॥
अनुवाद
इस उदार हृदया विदेह राजकुमारी की बायीं भुजा किसी उत्तेजना के कारण सहसा काँपने लगी है (यह भी सौभाग्य का लक्षण है)। 51॥
‘The left arm of this generous-hearted Videha princess has suddenly started trembling due to some excitement (this is also a sign of good luck). 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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