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ramayan 5.27.40: ‘कुम्भकर्ण और ये सब राक्षस-मुखधारी योद्धा लाल वस्त्र धारण करके गोबर के तालाब में प्रवेश कर गए हैं ॥40॥   |   ramayan सर्ग 5.27: त्रिजटा का स्वप्न, राक्षसों के विनाश और श्रीरघुनाथजी की विजय की शुभ सूचना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.27.40 
कुम्भकर्णादयश्चेमे सर्वे राक्षसपुंगवा:।
रक्तं निवसनं गृह्य प्रविष्टा गोमयह्रदम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
‘कुम्भकर्ण और ये सब राक्षस-मुखधारी योद्धा लाल वस्त्र धारण करके गोबर के तालाब में प्रवेश कर गए हैं ॥40॥
 
‘Kumbhakarna and all these demon-headed warriors have entered the cow dung pond wearing red clothes. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)