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श्लोक  5.27.39 
पीत्वा तैलं प्रमत्ताश्च प्रहसन्त्यो महास्वना:।
लङ्कायां भस्मरूक्षायां सर्वा राक्षसयोषित:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
राख से सूखी लंका में सभी राक्षसियां ​​तेल पीकर मदमस्त हो जाती हैं और जोर-जोर से हंसती हैं।
 
In Lanka dried up by ashes, all the female demons become intoxicated after drinking oil and laugh loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)