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श्लोक  5.27.32-33h 
एकस्तत्र मया दृष्ट: श्वेतच्छत्रो विभीषण:॥ ३२॥
शुक्लमाल्याम्बरधर: शुक्लगन्धानुलेपन:।
 
 
अनुवाद
मैंने जिन राक्षसों को सफेद छत्र धारण किए, सफेद माला पहने, सफेद वस्त्र पहने तथा सफेद चंदन और अंगराग लगाते देखा है, उनमें विभीषण ही है।
 
Among the demons I have seen there holding a white umbrella, wearing a white garland, wearing white clothes and applying white sandalwood and cosmetics is Vibhishana only.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)