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श्लोक  5.27.31-32h 
रावणस्य सुता: सर्वे मुण्डास्तैलसमुक्षिता:।
वराहेण दशग्रीव: शिशुमारेण चेन्द्रजित्॥ ३१॥
उष्ट्रेण कुम्भकर्णश्च प्रयातो दक्षिणां दिशम्।
 
 
अनुवाद
रावण के सभी पुत्र भी सिर मुंडाए और तेल से नहाए हुए दिखाई देते हैं। यह भी दिखाई देता है कि रावण सुअर पर, इंद्रजीत हंस पर और कुंभकर्ण ऊंट पर सवार होकर दक्षिण दिशा की ओर चला गया है।
 
‘All the sons of Ravana are also seen with shaven heads and bathed in oil. It is also seen that Ravana is riding on a pig, Indrajit on a swan and Kumbhakarna on a camel and has gone towards the south.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)