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श्लोक  5.27.21-22h 
न हि रामो महातेजा: शक्यो जेतुं सुरासुरै:॥ २१॥
राक्षसैर्वापि चान्यैर्वा स्वर्ग: पापजनैरिव।
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी अत्यंत पराक्रमी हैं। देवता, दानव, राक्षस तथा अन्य मनुष्य भी उन्हें कभी नहीं जीत सकते। जैसे पापी मनुष्य स्वर्ग को नहीं जीत सकते॥ 21 1/2॥
 
‘Shri Ramchandraji is extremely powerful. Gods, demons, devils and even other people can never defeat him. Just like sinful humans cannot conquer heaven.॥ 21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)