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ramayan 5.27.2: तदनन्तर वे भयंकर रूप वाली राक्षसियाँ सीता के पास आईं और पुनः उसी उद्देश्य से कठोर वचन बोलने लगीं, जो उनके लिए विनाशकारी थे-॥2॥   |   ramayan सर्ग 5.27: त्रिजटा का स्वप्न, राक्षसों के विनाश और श्रीरघुनाथजी की विजय की शुभ सूचना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.27.2 
तत: सीतामुपागम्य राक्षस्यो भीमदर्शना:।
पुन: परुषमेकार्थमनर्थार्थमथाब्रुवन्॥ २॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर वे भयंकर रूप वाली राक्षसियाँ सीता के पास आईं और पुनः उसी उद्देश्य से कठोर वचन बोलने लगीं, जो उनके लिए विनाशकारी थे-॥2॥
 
Thereafter, the fearsome looking demonesses came to Sita and once again started speaking harsh words for the same purpose, which were disastrous for them -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)