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सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना
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श्लोक 6
श्लोक
5.26.6
अश्मसारमिदं नूनमथवाप्यजरामरम्।
हृदयं मम येनेदं न दु:खेन विशीर्यते॥ ६॥
अनुवाद
निश्चय ही मेरा यह हृदय लोहे का बना है अथवा अमर है, जो इतना बड़ा दुःख सहने पर भी फटता नहीं।
Surely this heart of mine is made of iron or is immortal, so that even after suffering such great sorrow it does not burst.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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