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ramayan 5.26.6: निश्चय ही मेरा यह हृदय लोहे का बना है अथवा अमर है, जो इतना बड़ा दुःख सहने पर भी फटता नहीं।   |   ramayan सर्ग 5.26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.26.6 
अश्मसारमिदं नूनमथवाप्यजरामरम्।
हृदयं मम येनेदं न दु:खेन विशीर्यते॥ ६॥
 
 
अनुवाद
निश्चय ही मेरा यह हृदय लोहे का बना है अथवा अमर है, जो इतना बड़ा दुःख सहने पर भी फटता नहीं।
 
Surely this heart of mine is made of iron or is immortal, so that even after suffering such great sorrow it does not burst.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)