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श्लोक 34
श्लोक
5.26.34
अधर्मात् तु महोत्पातो भविष्यति हि साम्प्रतम्।
नैते धर्मं विजानन्ति राक्षसा: पिशिताशना:॥ ३४॥
अनुवाद
'इस समय अधर्म से बड़ा उत्पात मचने वाला है। ये मांसभक्षी राक्षस धर्म को जानते ही नहीं।
‘At this time, a great havoc is going to be caused by unrighteousness. These carnivorous demons do not know religion at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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