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ramayan 5.26.33: उसी समय दुष्ट रावण ने मुझे मारने का निश्चय कर लिया है। ये पापी राक्षस यह भी नहीं जानते कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए॥ 33॥   |   ramayan सर्ग 5.26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 26: सीता का करुण-विलाप तथा अपने प्राणों को त्याग देने का निश्चय करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  5.26.33 
स च मे विहितो मृत्युरस्मिन् दुष्टेन वर्तते।
अकार्यं ये न जानन्ति नैर्ऋता: पापकारिण:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उसी समय दुष्ट रावण ने मुझे मारने का निश्चय कर लिया है। ये पापी राक्षस यह भी नहीं जानते कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए॥ 33॥
 
‘At that very moment the evil Ravana has decided to kill me. These sinful demons do not even know what should be done and what should not be done.॥ 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)