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ramayan 5.24.8: मनुष्य कन्या राक्षस की पत्नी नहीं हो सकती। तुम सब लोग मुझे खा जाओ, परन्तु मैं तुम्हारी आज्ञा नहीं मान सकती।॥8॥   |   ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.24.8 
न मानुषी राक्षसस्य भार्या भवितुमर्हति।
कामं खादत मां सर्वा न करिष्यामि वो वच:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य कन्या राक्षस की पत्नी नहीं हो सकती। तुम सब लोग मुझे खा जाओ, परन्तु मैं तुम्हारी आज्ञा नहीं मान सकती।॥8॥
 
‘A human girl cannot be the wife of a demon. You all may eat me up; but I cannot obey you.॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)