Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.24.6: राक्षसियों के ये वचन सुनकर कमलनेत्र सीता ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उनकी ओर देखा और इस प्रकार कहा-॥6॥   |   ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.24.6 
राक्षसीनां वच: श्रुत्वा सीता पद्मनिभेक्षणा।
नेत्राभ्यामश्रुपूर्णाभ्यामिदं वचनमब्रवीत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राक्षसियों के ये वचन सुनकर कमलनेत्र सीता ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उनकी ओर देखा और इस प्रकार कहा-॥6॥
 
Hearing these words of the demonesses, lotus-eyed Sita looked at them with tearful eyes and said thus -॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)