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ramayan 5.24.27: "यदि तुम मेरी बात नहीं मानोगे तो हम सब लोग इसी समय तुम्हें अपना आहार बना लेंगे।" ॥27॥   |   ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.24.27 
एतदुक्तं च मे वाक्यं यदि त्वं न करिष्यसि।
अस्मिन् मुहूर्ते सर्वास्त्वां भक्षयिष्यामहे वयम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
"यदि तुम मेरी बात नहीं मानोगे तो हम सब लोग इसी समय तुम्हें अपना आहार बना लेंगे।" ॥27॥
 
"If you don't listen to me, then we all will make you our food at this very moment." ॥27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)