Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.24.22: 'मिथिलेशकुमारी! तुम्हारा कल्याण हो। मैं तुमसे बहुत संतुष्ट हूँ, क्योंकि तुमने मानव-मर्यादा का भली-भाँति पालन किया है। अब मैं जो कुछ तुम्हारे हित के लिए कह रहा हूँ, उस पर ध्यान दो और शीघ्रता से उसका पालन करो॥ 22॥ | ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मिथिलेशकुमारी! तुम्हारा कल्याण हो। मैं तुमसे बहुत संतुष्ट हूँ, क्योंकि तुमने मानव-मर्यादा का भली-भाँति पालन किया है। अब मैं जो कुछ तुम्हारे हित के लिए कह रहा हूँ, उस पर ध्यान दो और शीघ्रता से उसका पालन करो॥ 22॥
‘Mithilesh Kumari! May you be blessed. I am very satisfied with you because you have followed human etiquette very well. Now pay attention to what I am telling you for your benefit and follow it quickly.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥