Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.24.20: तत्पश्चात विनता नाम की एक राक्षसी प्रकट हुई। वह अत्यंत भयानक लग रही थी। उसका शरीर क्रोध की सजीव मूर्ति के समान प्रतीत हो रहा था। उस राक्षसी का पेट भीतर की ओर धँसा हुआ था। वह बोली—॥20॥ | ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्तु विनता नाम राक्षसी भीमदर्शना।
अब्रवीत् कुपिताकारा कराला निर्णतोदरी॥ २०॥
अनुवाद
तत्पश्चात विनता नाम की एक राक्षसी प्रकट हुई। वह अत्यंत भयानक लग रही थी। उसका शरीर क्रोध की सजीव मूर्ति के समान प्रतीत हो रहा था। उस राक्षसी का पेट भीतर की ओर धँसा हुआ था। वह बोली—॥20॥
Thereafter a demoness named Vinata came forward. She looked very terrifying. Her body seemed like a living image of anger. The stomach of that monstrous demoness was sunken inwards. She said—॥20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥