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ramayan 5.24.2: सीता! रावण का हरम सभी जीवों के लिए सुंदर है। वहाँ बहुमूल्य पलंग बिछे हैं। तुम उस हरम को अपना निवास क्यों नहीं बना लेतीं?   |   ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.24.2 
किं त्वमन्त:पुरे सीते सर्वभूतमनोरमे।
महार्हशयनोपेते न वासमनुमन्यसे॥ २॥
 
 
अनुवाद
सीता! रावण का हरम सभी जीवों के लिए सुंदर है। वहाँ बहुमूल्य पलंग बिछे हैं। तुम उस हरम को अपना निवास क्यों नहीं बना लेतीं?
 
Sita! Ravan's harem is beautiful for all living beings. Precious beds are spread there. Why don't you allow that harem to be your abode?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)