Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.24.17: उन भयंकर राक्षसियों के बार-बार डाँटने और धमकाने पर, अत्यन्त सुन्दरी और शुभ स्वरूपा सीता आँसू पोंछती हुई उसी अशोक वृक्ष के नीचे (जिस पर हनुमान छिपे हुए थे) आ गईं॥ 17॥ | ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन भयंकर राक्षसियों के बार-बार डाँटने और धमकाने पर, अत्यन्त सुन्दरी और शुभ स्वरूपा सीता आँसू पोंछती हुई उसी अशोक वृक्ष के नीचे (जिस पर हनुमान छिपे हुए थे) आ गईं॥ 17॥
Upon repeated scoldings and threats of those horrible demonesses, Sita, who was very beautiful and auspicious, wiping her tears, came under the same Ashoka tree (on top of which Hanuman was hiding).॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥