Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.24.15: समस्त राक्षसियाँ क्रोधित होकर काँपती हुई सीता पर सब ओर से टूट पड़ीं और अपने लम्बे और चमकदार होठों को बार-बार चाटने लगीं॥15॥ | ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समस्त राक्षसियाँ क्रोधित होकर काँपती हुई सीता पर सब ओर से टूट पड़ीं और अपने लम्बे और चमकदार होठों को बार-बार चाटने लगीं॥15॥
All the demonesses became enraged and fell upon the trembling Sita from all sides and started licking their long and shiny lips over and over again.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥