Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.24.14: अशोक वृक्ष में चुपचाप छिपकर वानर हनुमानजी राक्षसनियों द्वारा सीता को डाँटने की बातें सुनते रहे।   |   ramayan सर्ग 5.24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 24: सीताजी का राक्षसियों की बात मानने से इनकार कर देना तथा राक्षसियों का उन्हें मारने-काट ने की धमकी देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.24.14 
अवलीन: स निर्वाक्यो हनुमान् शिंशपाद्रुमे।
सीतां संतर्जयन्तीस्ता राक्षसीरशृणोत् कपि:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
अशोक वृक्ष में चुपचाप छिपकर वानर हनुमानजी राक्षसनियों द्वारा सीता को डाँटने की बातें सुनते रहे।
 
Hiding quietly in the Ashoka tree, the monkey Hanumanji kept listening to the demonesses rebuking Sita. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)