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एवमुक्तस्तु राक्षस्या समुत्क्षिप्तस्ततो बली।
प्रहसन् मेघसंकाशो राक्षस: स न्यवर्तत॥ ४३॥
अनुवाद
जब राक्षसी ऐसा कहकर उसे दूसरी ओर ले गई, तब मेघ के समान बलवान और काला राक्षस रावण जोर-जोर से हंसता हुआ अपने महल में लौट गया ॥ 43॥
When the demoness had said this and taken him away to the other side, the powerful and black demon Ravana, like a cloud, returned to his palace laughing loudly. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥