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ramayan 5.22.32: मिथिला की कन्या से ऐसा कहकर शत्रुओं को रुलाने वाले राजा रावण ने उन भयंकर रूप वाली राक्षसियों की ओर देखा ॥32॥   |   ramayan सर्ग 5.22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 22: रावण का सीता को दो मास की अवधि देना, सीता का उसे फटकारना, फिर रावण का उन्हें धमकाना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.22.32 
इत्युक्त्वा मैथिलीं राजा रावण: शत्रुरावण:।
संददर्श तत: सर्वा राक्षसीर्घोरदर्शना:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
मिथिला की कन्या से ऐसा कहकर शत्रुओं को रुलाने वाले राजा रावण ने उन भयंकर रूप वाली राक्षसियों की ओर देखा ॥32॥
 
Having said this to the daughter of Mithila, King Ravana, who makes his enemies cry, looked at all the fearsome looking demonesses. ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)