श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.21.24 
रामस्य धनुष: शब्दं श्रोष्यसि त्वं महास्वनम्।
शतक्रतुविसृष्टस्य निर्घोषमशनेरिव॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तुम श्री रामजी के धनुष की टंकार सुनोगे, जो इन्द्र द्वारा छोड़े गए वज्र की गड़गड़ाहट के समान है॥ 24॥
 
‘You will hear the loud twang of Sri Rama's bow, like the rumbling of the thunderbolt released by Indra.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)