Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.21.23: तुम्हारे जैसे रात्रि-राक्षस को तो शायद वज्र भी बिना मारे छोड़ दे और काल भी बहुत समय तक तुम्हारी उपेक्षा करे; परन्तु क्रोध में भरे हुए जगत के स्वामी रघुनाथ तुम्हें कभी नहीं छोड़ेंगे॥ 23॥ | ramayan सर्ग 5.21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वर्जयेद् वज्रमुत्सृष्टं वर्जयेदन्तकश्चिरम्।
त्वद्विधं न तु संक्रुद्धो लोकनाथ: स राघव:॥ २३॥
अनुवाद
तुम्हारे जैसे रात्रि-राक्षस को तो शायद वज्र भी बिना मारे छोड़ दे और काल भी बहुत समय तक तुम्हारी उपेक्षा करे; परन्तु क्रोध में भरे हुए जगत के स्वामी रघुनाथ तुम्हें कभी नहीं छोड़ेंगे॥ 23॥
A thunderbolt may perhaps let go of a night-monster like you without killing him and even time may ignore you for a long time; but the Lord of the worlds, Raghunath, filled with anger will never let you go.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥