श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 21: सीताजी का रावण को समझाना और उसे श्रीराम के सामने नगण्य बताना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.21.20 
विदित: सर्वधर्मज्ञ: शरणागतवत्सल:।
तेन मैत्री भवतु ते यदि जीवितुमिच्छसि॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्री राम सभी धर्मों के ज्ञाता और सुविख्यात शरणागत हैं। यदि तुम जीवित रहना चाहते हो तो उनसे मित्रता कर लो। 20॥
 
Lord Shri Ram is the knower of all religions and a well-known surrendered person. If you want to survive then you should become friends with them. 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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