| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 5: सुन्दर काण्ड » सर्ग 20: रावण का सीताजी को प्रलोभन » श्लोक 29 |
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| | | | श्लोक 5.20.29  | चारुस्मिते चारुदति चारुनेत्रे विलासिनि।
मनो हरसि मे भीरु सुपर्ण: पन्नगं यथा॥ २९॥ | | | | | | अनुवाद | | प्यारी सी मुस्कान, खूबसूरत दांत और प्यारी आँखों वाली तुम मनमोहक लड़की हो! डरपोक! जैसे बाज साँप को उठा ले जाता है, वैसे ही तुम मेरा दिल भी ले जाओगी। | | | | You enchanting girl with a lovely smile, beautiful teeth and lovely eyes! Timid! Just like an eagle carries away a snake, you take away my heart in the same way. | | ✨ ai-generated | | |
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